दिल्ली बाढ़ अपडेट: CM रेखा गुप्ता का राहत दौरा, यमुना खतरे से ऊपर, हजारों लोग विस्थापित

Times Watch देश दुनिया

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 — दिल्ली और आसपास की मुख्य खबरें (7 -सितंबर-2025)

1. Northern India पर बाढ़ की भीषण मार
भारी बारिश की वजह से यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर चली गई। दिल्ली और आसपास के उत्तरी राज्यों (जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, पंजाब) में बाढ़, स्लाइड और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ — लगभग 10,000 लोग दिल्ली में बचाव शिविरों में पहुंचाए गए।
Source: Reuters

2. मौसम का अतिरेक और जलवायु बदलते ढर्रे
उत्तर भारत में लगातार हो रही मॉनसून बारिश और भूस्खलन ने हालात और बिगाड़ दिए — हालात को और खतरनाक बनाते हुए, बाढ़ की आशंका, मानव-निर्मित आपदाएं, और जलवायु परिवर्तन पर वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ी है।
Source: AP News

3. राहत शिविरों में मेडिकल व स्वच्छता संकट
राहत शिविरों में रहने वाले बाढ़ पीड़ितों को अभी संक्रमण, बुखार, चकत्ते, फंगल इंफेक्शन और समाजिक असुबिधाएँ झेलनी पड़ रही हैं क्योंकि चिकित्सा सुविधाएं और स्वच्छता व्यवस्था बेहद कमजोर हैं।
Sources: New Indian Express, NDTV

4. शिविरों में पैरेलल अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता
कुछ राहत शिविरों में परिवारों ने बची चीज़ें और ज़रूरी सामान बेचकर, जैसे पौधे, साबुन, ऐसी चीजें, एक तरह की ‘पैरेलल इकॉनमी’ की शुरुआत कर दी है—मौत, भूख और असहायता के बीच उनकी जिंदगियाँ अब इस नए तौर-तरीके से चल रही हैं।
Source: Times of India

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5. दिल्ली CM Rekha Gupta का त्वरित संचालन और राहत दौरा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने Geeta Colony फ्लाइओवर और Old Iron Bridge के पास relief camps का दौरा किया, बाढ़ प्रभावित परिवारों से सीधे बात की और उन्हें ‘24×7’ सहायता का आश्वासन दिया — जिसमें भोजन, पानी, चिकित्सा, स्वच्छता और पशु चारा शामिल हैं। साथ ही अधिकारियों को सतर्कता बरतने और राहत कार्यों को तेज़ी से संचालित करने का निर्देश दिया।
Sources: Tribune, ABP Live, The Statesman, Times of India

6. गृह मंत्रालय और आपदा विभाग सतर्क — तैयारी युद्ध स्तर पर
दिल्ली की आपदा तैयारी मोर्चाकारी थी: 58 नावें, 5.6 लाख एको बैग, 14,370 बाँस के डंडे, 82 पम्प, और उच्च-पदाधिकारी हर ज़ोन में मोर्चे पर तैनात रहे। NDMC ने ड्रेनेज सुधार और लक-आउट नियंत्रण पर विशेष कार्य किए।
Source: ABP Live

7. बाढ़ से बनी तस्वीरें: घरों में पानी, सड़कों पर कचरा, विस्थापन का जीवन
नोएड़ा, आगरा और प्रयागराज में भी बाढ़ ने कहर मचा दिया; कई घर, स्कूल, धार्मिक स्थल जलमग्न हुए। ट्रैफिक जाम, राहत शिविर और धूसर तस्वीरें बनीं—लेकिन प्रशासनों ने नियंत्रण बनाए रखा।
Source: Times of India

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