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रिपोर्ट “‘Erased block by block’: Hamas calls for UN action amid Israeli attacks” ।
नई दिल्ली 04 सितम्बर 2025
हमास ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है, ताकि इज़राइल द्वारा गज़ा में जनसंहार को रोका जा सके। (Al Jazeera)
इज़राइली सेनाओं ने गज़ा सिटी व पूरे प्रायद्वीप में क्रूर बमबारी तेज कर दी है, जिसमें बुधवार को कम से कम 73 फिलिस्तीनियों की मौत, जिनमें से 43 केवल गज़ा सिटी में थे। (Al Jazeera)
कई परिवार ढह गए—"मेरा भाई, उसकी पत्नी और बच्चे सभी मर गए; उन्हें पूरी तरह मिटा दिया गया", यह दर्दनाक बयान एक विस्थापित मासूम ने दिया। (Al Jazeera)
शेख रुडवान में स्कूलों में शरण ले रहे परिवारों पर ग्रेनेड गिराए गए और वहाँ की छतरियां आग में जल गईं—एक निवासी ने कहा, "शेख रुडवान उल्टा जला रहा है"। (Al Jazeera)
गज़ा मीडिया ऑफिस के अनुसार, पिछले 3 हफ्तों में इज़राइल ने गज़ा सिटी में लगभग 100 विस्फोटक-भरे रोबोट जलाए, जिससे पूरे नागरिक ब्लॉकों और मोहल्लों को मिटाया गया। इसके चलते अकेले गज़ा सिटी में करीब 1,100 लोगों की जान गई है। (Al Jazeera)
हमास ने सम्पूर्ण गज़ा सशस्त्र संघर्षविराम (comprehensive ceasefire) और फिलिस्तीनी कैदियों के बदले सभी इज़राइली बंधकों की रिहाई का प्रस्ताव रखा है। (Al Jazeera)
गज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पिछले 24 घंटों में भूख और कुपोषण से 6 और लोग मरे हैं, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है—कुल मिलाकर 367 लोग, जिनमें से 131 बच्चे, इस कारण से मर चुके हैं। (Al Jazeera)
एक मिलियन फिलिस्तीनीयों को विस्थापन का खतरा है, क्योंकि इज़राइल का गज़ा सिटी पर कब्ज़ा अभियान पूरे क्षेत्र को कई बार विस्थापित कर चुका है—UN के प्रवक्ता ने कहा कि केवल अगस्त 14–31 के बीच 82,000 से अधिक नए विस्थापन के मामले दर्ज हुए हैं, जिसमें 30,000 लोग उत्तर से दक्षिण विस्थापित हुए हैं। (Al Jazeera)
UNICEF ने चेतावनी दी है कि 132,000 पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चे मध्य-2026 तक कुपोषण से मरने का जोखिम झेल रहे हैं, और 320,000 से अधिक फिलिस्तीनी बच्चों को तीव्र कुपोषण (severe hunger) का सामना करना पड़ सकता है। (Al Jazeera)
Georgetown University (कतर) के एसोसिएट प्रोफेसर अब्दुल्ला अल-आरियन ने कहा कि इज़राइल का यह “scorched-earth” (सकल जलाने वाला) अभियान स्पष्ट रूप से नरसंहार (genocide) की तर्ज पर है, और उसे पूरी राजनीतिक और कानूनी बेपारवाही के साथ अंजाम दिया जा रहा है। (Al Jazeera)
